अब्दुल हामिद आपको परमवीर चक्र से सम्मानित अब्दुल हामिद तो याद ही होंगे । उनके वीर गाथा को कोई नहीं भूल सकता । लेकिन आप सोच रहे होंगे , उनको...
अब्दुल हामिद आपको परमवीर चक्र से सम्मानित अब्दुल हामिद तो याद ही होंगे ।
उनके वीर गाथा को कोई नहीं भूल सकता । लेकिन आप सोच रहे होंगे , उनको रहस्य में क्यों रखा मैने । वो इसलिए क्योंकि आजतक पाकिस्तान की आर्मी मानने को तैयार नहीं कि गन लगी जीप ने कैसे उनके सात पैट्रन टैंक उड़ा दिए ? बात 1965 की है जब भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध छिड़ा था ।
उस समय कंपनी क्वार्टर मास्टर हवालदार के पद पर नियुक्त थे अब्दुल हामिद जो चीमा गाँव के कीचड़ वाले रास्ते से गन लगी जीप से गुजर रहे थे । उस समय सामने आ रही थी पाकिस्तान की पैट्रन टैंक ।
उस समय सेना के मुख्य पद पार् मियां मुशर्रफ भी थे । जैसे ही टैंक सामने आए अब्दुल हामिद अपने साथियों के साथ टैंक के कमजोर हिस्से पर हमला कर दिया और ऐसे ही एक के बाद एक सात टैंक उड़ा दिए , लेकिन अंत में वो लड़ते - लड़ते वीरगति को प्राप्त हुए ।
टैंक की मारक क्षमता और थ्री - नॉट - थ्री वाली जीप में तो बहुत अंतर है लेकिन ये उनका हौसला ही था जिसने इतने ढेर सारे टैंक उड़ा दिए । सलाम है उनकी युद्ध - कौशल को । बाद में उस जीप पर अमेरिका ने रिसर्च भी किया कि कैसे उसके टैंक उस जीप के आगे पानी भरने लगे थे लेकिन कुछ नहीं मिला ,
मिलता भी कैसे , युद्ध आयुद्ध नहीं योद्धा लड़ते हैं और जिसके आँखों में तिरंगा और देश के लिए भक्ति भरी हो उसके लिए कुछ भी मुश्किल नहीं , इसीलिए तो इंडियन आर्मी का नारा है - " When going gets tough , tough gets going " , यानी जब चलना भी मुश्किल हो , सभी मुश्किलें भी चलेंगी । सिर्फ तकनीक से नहीं जज्बे से लड़ते हैं अब्दुल हामिद जैसे फौलाद जिनको हम सलाम करते हैं । हमारी अन्य ऍप्स देखें ऍप शेयर करें रेट व रिव्यू करें


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